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State Aug 07, 2026 · min read

केरोट गांव में आठ दशक बाद पहली सरकारी बस

By स्टाफ रिपोर्टर | राजस्थान आजादी के दशकों बाद अपने गांव की सड़क पर सरकारी बस देखने का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। यह खुशी है राजस्थान के केरोट गांव की, जहां पहली...

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केरोट गांव में आठ दशक बाद पहली सरकारी बस
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TL;DR — Quick Summary

राजस्थान के केकड़ी क्षेत्र के केरोट गांव में आजादी के करीब आठ दशक बाद पहली बार राजस्थान रोडवेज की बस पहुंची। ग्रामीणों ने घंटों इंतजार के बाद भव्य स्वागत किया और यह पल वीडियो में कैद होकर वायरल हो गया। घटना दूरदराज गांवों में सार्वजनिक परिवहन की कमी को भी सामने लाती है।

Key Facts
स्थान
राजस्थान के केकड़ी क्षेत्र का केरोट गांव
मुख्य घटना
आजादी के करीब आठ दशक बाद पहली बार राजस्थान रोडवेज की बस गांव पहुंची
प्रतिक्रिया
ग्रामीणों ने घंटों सड़क किनारे इंतजार कर बस का भव्य स्वागत किया
असर
स्वागत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ
आधिकारिक जानकारी
फिलहाल रोडवेज या प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं
आगे क्या
बस सेवा के नियमित होने की अभी पुष्टि नहीं है

By स्टाफ रिपोर्टर | राजस्थान

आजादी के दशकों बाद अपने गांव की सड़क पर सरकारी बस देखने का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। यह खुशी है राजस्थान के केरोट गांव की, जहां पहली बार पहुंची राजस्थान रोडवेज की बस ने ग्रामीणों को जश्न के मूड में डाल दिया।

केरोट गांव में आठ दशक बाद दस्तक

राजस्थान के केकड़ी क्षेत्र के केरोट गांव में आजादी के करीब आठ दशक बाद पहली बार राजस्थान रोडवेज की बस पहुंची। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बस के आने की खबर सुनकर ग्रामीण घंटों सड़क किनारे इंतजार करते रहे।

भव्य स्वागत, कैद हुए खुशी के पल

जैसे ही बस गांव की सीमा में दाखिल हुई, वहां मौजूद ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। इस पल को कैमरे में कैद किया गया और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

यह वीडियो साफ बताता है कि ग्रामीणों के लिए यह सिर्फ एक बस नहीं, बल्कि विकास की नई उम्मीद है।

गांव तक बस पहुंचना क्यों खास है

सार्वजनिक परिवहन का पहुंचना किसी भी दूरदराज गांव के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। इससे स्कूल, अस्पताल और बाजार तक आना-जाना आसान होता है। केरोट गांव के लिए यह शहर से सीधे जुड़ाव की शुरुआत हो सकती है।

हालांकि, यह सवाल भी उठता है कि आखिर आठ दशक तक बस सेवा क्यों नहीं पहुंची — इस बारे में उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट जवाब नहीं है।

अब भी जो साफ नहीं है

फिलहाल यह तय नहीं है कि बस सेवा नियमित रहेगी या यह एक बार का प्रयास भर था। रोडवेज विभाग या प्रशासन की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है।

आगे क्या हो सकता है

अगर सड़क की स्थिति और बस के समय को लेकर व्यवस्था बनती है, तो केरोट गांव के लिए यह पहली बस स्थायी सेवा की शुरुआत साबित हो सकती है। फिलहाल यह सिर्फ एक संभावना है, पुष्ट तथ्य नहीं।

हमारा नजरिया

केरोट गांव की यह खुशी याद दिलाती है कि भारत के कई गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए दशकों इंतजार करते हैं। यह जश्न जितना सुकून देता है, उतना ही सवाल भी खड़ा करता है कि ऐसी सु

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