खेत आमतौर पर अनाज उगाते हैं, लेकिन कन्नौज के इन किसानों ने अपने मक्के के खेत को कैनवास में बदल दिया। इसी अनोखी मेहनत ने उन्हें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचा दिया। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव अपनी सूमा गाड़ी से कन्नौज के लिए रवाना हो गए।
मक्के के खेत में उकेरी तस्वीर से मुलाकात तक का सफर
अखिलेश यादव ने मक्के के खेत में तस्वीर उकेरने वाले किसानों से सीधे संवाद किया। यह मुलाकात उस वक्त और खास मानी जा रही है जब समाजवादी पार्टी किसानों के मुद्दों पर अपनी राजनीतिक पैठ मजबूत करने की कोशिश में है। किसानों की ओर से की गई कलात्मक पहल ने राजनीतिक गलियारों में भी सुर्खियां बटोरीं।
'किसान खुशहाल होगा तो व्यापार बढ़ेगा': वादा क्यों अहम है
मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि कृषि इस देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उनका कहना था कि जब किसान खुशहाल होगा, तभी व्यापार और कारोबार आगे बढ़ेगा। यह बयान किसानों की आर्थिक स्थिति और खेती पर निर्भर लाखों परिवारों की आजीविका से जुड़ा है।
फसल का लागत मूल्य: किसानों की पुरानी मांग से जुड़ा वादा
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में किसानों को उनकी फसल का लागत मूल्य मिलेगा। भारतीय किसान दशकों से फसल की लागत से अधिक कीमत की मांग करता रहा है। लागत मूल्य का सीधा मतलब है कि किसान की मेहनत और निवेश का पूरा हिसाब उसे वापस मिले।
कन्नौज के लिए रवानगी की सूमा गाड़ी
मुलाकात खत्म होने के बाद अखिलेश यादव अपनी सूमा गाड़ी से कन्नौज के लिए रव